श्री हनुमान कवच
हनुमान कवच किसने रचा और क्या शक्ति है इसमे
यह कवच स्वं भगवान श्री रामचन्द्र द्वारा रचा और पढ़ा गया है | इस हनुमत कवच का पाठ प्रभु श्रीराम ने स्वयं रावण से युद्ध करते समय किया था।
श्री हनुमान कवच अपने आप में भगवान की शक्ति रखता है जिसके प्रभाव से
बुराइयों पर जीत पाई जा सकती है | हनुमान भक्त इस कवच की अशीम शक्ति को
जानते है | इस कवच की शक्ति को मन को एकाग्रः करके अशीम साधना से जगाया जा
सकता है | यह कहा जाता है की यह महावीर हनुमान का शक्तिग्रह है |
हनुमान कवच से होने वाले लाभ :
इस कवच से भूत, प्रेत , चांडाल , राक्षश व अन्य बुरी आत्मायो से बचाव किया जा सकता है | यह कवच आपको टोनो टोटको से बचाता है और आपकी रक्षा करता है | काला जादू इस पर पूरी तरह पराजित हो जाता है | इस कवच का पूर्ण लाभ से जीवन के सभी शोक मिट जाते है अतः इसे शोकनाशं भी पुकारा जाता है |
मूल मंत्र :
इस कवच का मूल मंत्र है : ॐ श्री हनुमंते नमः
इस मंत्र का उच्चारण 108 बार रुद्राक्ष की माला के साथ सच्चे मन से करे और
यह उपासना संपन्न होने के बाद अपने शोक निवारण के लिए हनुमानजी से विनती
करे | इसके बाद हनुमानजी को चमेली का तेल और सिंदूर चढ़ावे | साथ में यदि
हनुमानजी को चोला और जनेऊ पहना सके तो और भी उत्तम है |
हनुमान जी से जुड़े अन्य सम्बंधित लेख
सुन्दरकाण्ड पाठ करते समय ध्यान रखे ये बाते
0 टिप्पणियाँ