Tripur Malini shaktipeetha - त्रिपुर मालिनी माँ शक्तिपीठ मंदिर पंजाब के जालंधर में

त्रिपुर मालिनी माँ का मंदिर

Tripur Malini shaktipeetha

पंजाब के जालंधर में उत्तर की तरफ रेलवे स्टेशन से सिर्फ 1 किमी की दुरी पर माँ भगवती का यह शक्तिपीठ स्थापित है | यह मंदिर माँ त्रिपुरमालिनी देवी मंदिर और देवी तालाब मंदिर नाम से जाना जाता है | यह मंदिर भी माँ सती के 51 शक्तिपीठो में से के है | 


कहा जाता है की माँ सती का इस जगह बाया वक्ष ( स्तन ) गिरा था और इस शक्तिपीठ की मान्यता हो गयी थी | यहाँ की शक्ति 'त्रिपुरमालिनी' तथा भैरव 'भीषण' हैं। हजारो भक्त माँ की कृपा पाने दर्शन हेतु दुर दुर से यहा आते है | इस मंदिर में शिवा की भीसन मानकर पूजा की जाती है | मंदिर का शिखर सोने से बनाया गया है | समय समय पर मंदिर परिसर में माँ के जगरात्रे और नवरात्रो में बड़ी धूम धाम से मेला भरता है | मंदिर बहूत सारी मन मोहक झांकिया भी त्यौहारो पर लगाता है जिसे देखने भक्तो की अपार भीड दुर दराज से आती है |


माँ त्रिपुरमालिनी देवी मंदिर परिसर :

कहा जाता है की यह मंदिर 200 साल पुराना है | इसे 'स्तनपीठ' भी कहा जाता है जिसमे देवी का वाम स्तन कपडे से ढका रह्ता है और धातु से बना मुख के दर्शन भक्तो को कराये जाते है | यह मंदिर तालाब के मध्य स्तिथ है जहा जाने के लिए 12 फ़ीट चोड़ी जगह है | मुख्य भगवती के मंदिर में तीन मूरत है | माँ भगवती के साथ माँ लक्ष्मी और माँ सरस्वती विराजमान है | भक्त इस मंदिर में इन देवियो की मूरत के परिकर्मा देते है | पूरा मंदिर परिसर लग भग 400 मीटर में फैला हुआ है | मंदिर परिसर में भक्तो के आराम करने की सुविधा भी है |

मंदिर की समय तालिका :

ज्यादातर मंदिर सुबह 4:00 बजे खुलकर रात्री 11:00 बजे तक बंद होता है |
भस्म आरती : 4:00 – 6:00 am

नैवद्य आरती :7:30 - 8:15 am

महा भोग आरती : 10:30 – 11:15 am

संध्या आरती : 6:30 – 7:15 pm

शयन आरती : 10:30 pm 

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